खटीमा : टैक्सी ड्राइवर के साथ बदसलूकी,जाती सूचक शब्दों का किया इस्तेमाल ।
खटीमा: चंपावत जिले से लोहाघाट से किराया विवाद ने उस वक्त शर्मनाक मोड़ ले लिया जब एक टैक्सी चालक को कथित तौर पर न केवल पीटा गया, बल्कि उसके गले में जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है.

Ai gen image
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक़, मामला पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद आदर्श थाना लोहाघाट पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह, हरीश बोहरा, वीरेंद्र सिंह और मोहन चंद्र के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आईटी एक्ट व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक स्वयं मामले की निगरानी कर रही हैं.
गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग पीड़ित चालक के समर्थन में लोहाघाट थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. अनुसूचित जाति समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया. घटना के बाद टैक्सी किराया वृद्धि का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई चालक पुरानी दरों पर यात्रियों को सेवा देकर अपना गुजारा कर रहा था, तो उस पर दबाव बनाकर किराया बढ़ाने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है. लोगों ने परिवहन विभाग से भी मामले की जांच कर टैक्सी किराया निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है. फिलहाल पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ है.
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है. जानकारी के अनुसार लोहाघाट से दिल्ली जाने वाले यात्रियों से निर्धारित किराए से कम किराया लेने को लेकर देवराड़ी बैंड के पास कुछ टैक्सी चालकों और डूंगरा बोरा निवासी एक चालक के साथ विवाद हो गया.
आरोप है कि विवाद के दौरान चालक को घेरकर उसके साथ मारपीट की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया. मामला यहीं नहीं थमा. आरोप है कि चालक के गले में जूतों की माला पहनाकर उसका सार्वजनिक रूप से अपमान किया गया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है.
इस मामले में पीड़ित ड्राइवर की तरफ से पुलिस को तहरीर भी दी है. जिसके आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पीड़ित ड्राइवर ने अपनी तहरीर में बताया कि वह लंबे समय से लोहाघाट से दिल्ली तक यात्रियों को पुरानी दरों पर सेवा दे रहा था. डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद उसने किराया नहीं बढ़ाया, जिससे उसकी सेवाओं से यात्री संतुष्ट रहते थे.
आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ अन्य टैक्सी चालक उससे रंजिश रखने लगे थे. पीड़ित ड्राइवर के अनुसार बुधवार को देवराड़ी बैंड के पास उसका वाहन रोककर उसे घेर लिया गया. इस दौरान उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया. आरोप है कि उससे 50 हजार रुपये की मांग भी की गई.
मामला पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद आदर्श थाना लोहाघाट पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह, हरीश बोहरा, वीरेंद्र सिंह और मोहन चंद्र के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आईटी एक्ट व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक स्वयं मामले की निगरानी कर रही हैं.
गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग पीड़ित चालक के समर्थन में लोहाघाट थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. अनुसूचित जाति समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया. घटना के बाद टैक्सी किराया वृद्धि का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई चालक पुरानी दरों पर यात्रियों को सेवा देकर अपना गुजारा कर रहा था, तो उस पर दबाव बनाकर किराया बढ़ाने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है. लोगों ने परिवहन विभाग से भी मामले की जांच कर टैक्सी किराया निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है. फिलहाल पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ है.

