धारचूला : रेबीज पीड़ित की इलाज के दौरान मौत।
पिथौरागढ़: बीडी पांडे जिला अस्पताल में भर्ती रेबीज पीड़ित आठवीं के छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिले में 20 दिन में रेबीज से यह दूसरी मौत है. मरने वाले दोनों किशोरों को एक ही श्वान के बच्चे ने काटा था.डॉक्टरों ने बताया कि पीड़ित छात्र युवराज सिंह धामी पुत्र रवीन्द्र सिंह धामी कभी सामान्य व्यवहार कर रहा था तो कभी उसमें अचानक रेबीज के लक्षण तेजी से उभरकर सामने आ रहे थे. इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए सैंपल जांच के लिए लेकर दिल्ली भेजे थे. संक्रमण और सुरक्षा के लिहाज से साथ छात्र को आईसीयू में आइसोलेट किया गया था.

मीडिया मे आई ख़बर के मुताबिक़, धारचूला के जुम्मा गांव के एक और किशोर की रेबीज से मौत हो गई. किशोर ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. रेबीज के संक्रमण से 20 दिन के भीतर दूसरे किशोर की मौत से गांव में दहशत है. करीब छह महीने पहले जुम्मा गांव के तोक बुंगा और टीलम में एक लावारिस श्वान ने कई किशोरों और ग्रामीणों को काट दिया था. कुछ समय बाद ही श्वान की मौत हो गई. बीते 23 मई को श्वान ने जिस किशोर को काटा उसकी तबीयत बिगड़ गई. जिला अस्पताल पहुंचाने पर उसके रेबीज से ग्रसित होने की पुष्टि हुई.
दूसरे ही दिन उसकी मौत हो गई थी. बीते बुधवार को भी गांव के 14 वर्षीय मोहित धामी की तबीयत बिगड़ गई, उसे हवा-पानी से डर लगने लगा और वह आक्रामक हो गया. ऐसे में परिजनों ने उसे संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया. चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया, जहां उसके रेबीज से ग्रसित होने की पुष्टि हुई. उसे आईसीयू में भर्ती किया गया. करीब 16 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. सीएमओ पिथौरागढ़ डॉ. एसएस नबियाल ने कहा कि रेबीज से किशोर की मौत हुई है. अन्य संदिग्धों की भी निगरानी की जा रही है. बता दें कि धारचूला के गांव जुम्मा में रेबीज बच्चों के लिए काल बन रहा है. बीती 23 मई को मोहित धामी की मौत हो गई थी. अब 20 दिन बाद युवराज को अपनी जान गंवानी पड़ी. जुम्मा गांव में एक लावरिस श्वान के बच्चे ने दस लोगों को काटा था. वहीं घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है.

