पिथौरागढ़: एडीएम के आदेश के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन |
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़):
पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट तहसील के अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) द्वारा जारी एक हालिया आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस आदेश से उनके व्यावसायिक हितों को ठेस पहुँच रही है और उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

अधिवक्ताओं के अनुसार, एडीएम पिथौरागढ़ द्वारा 2 जुलाई 2024 को एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत तहसील परिसर स्थित उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय में बैनामे और अन्य प्रकार के पंजीकरण का कार्य केवल दस्तावेज नवीसों (डॉक्यूमेंट राइटर्स) के माध्यम से ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च न्यायालय के फैसले का दिया हवाला
गंगोलीहाट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकरण संबंधी कार्य अपने निर्देशन में करते आ रहे हैं। एडीएम के नए आदेश के बाद से उन्हें इस कार्य से वंचित कर दिया गया है। अधिवक्ताओं का दावा है कि उनके पास पंजीकरण के लिए दस्तावेज तैयार करने और प्रस्तुत करने का कानूनी अधिकार है। अपनी इस मांग के समर्थन में उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी हवाला दिया है।
आंदोलन की दी चेतावनी
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर एडीएम के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और उन्हें पूर्ववत पंजीकरण कार्य करने की अनुमति देने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिवक्ताओं के इस विरोध प्रदर्शन के कारण तहसील में कामकाज प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

