पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ : कृषि से आत्मनिर्भर पहाड़” चार दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन।

आत्मनिर्भर फाउंडेशन और UCOST के तत्वावधान में “कृषि से आत्मनिर्भर पहाड़” चार दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

पिथौरागढ़ : पहाड़ की कृषि को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़कर ग्रामीणों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर फाउंडेशन द्वारा यूकोस्ट (UCOST – उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) के सहयोग से “कृषि से आत्मनिर्भर पहाड़” विषय पर आयोजित चार दिवसीय विशेष कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक चले इस आयोजन में क्षेत्र के 70 से 80 किसान प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रथम दिवस (26 अक्टूबर): कृषि की आधुनिक तकनीकों और कीवी उत्पादन पर जोर

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख श्रीमती लक्ष्मी गोस्वामी द्वारा किया गया। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में कृषि विज्ञान केंद्र से आए वैज्ञानिक डॉ. दिनेश चौरसिया और डॉ. महेंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित किया।
वैज्ञानिकों ने कीवी उत्पादन को आय और स्वरोजगार का बेहतरीन साधन बताया।
उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और बेहतर खेती के तरीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
द्वितीय दिवस (27 अक्टूबर): सरकारी योजनाएं, दुग्ध उत्पादन और सफल किसानों के अनुभव

दूसरे दिन का सत्र किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और पशुपालन को आजीविका का मुख्य साधन बनाने पर केंद्रित रहा:

कृषि योजनाओं की जानकारी: क्षेत्र के प्रगतिशील किसान केशव मखोलिया, विशाल पंत, हिमांशु उप्रेती तथा तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित उत्कृष्ट कृषक श्रीमती कलावती देवी ने कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और अपने अनुभव साझा किए।

पशुपालन व दुग्ध उत्पादन: दुग्ध निरीक्षक श्री गजेंद्र सिंह ने दुग्ध उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और पशुपालन को आय का एक सशक्त एवं प्रभावी स्रोत बनाने के टिप्स दिए।

तृतीय दिवस (28 अक्टूबर): महापौर द्वारा प्रतिभागियों का सम्मान एवं प्रमाण पत्र वितरण

तीसरे दिवस के सत्र का शुभारंभ महापौर श्रीमती कल्पना देवलाल द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में महापौर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को बेहतर आजीविका के साधन अपनाने का प्रोत्साहन मिलता है।
इस अवसर पर श्रीमती कल्पना देवलाल ने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी 70-80 किसान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और विशिष्ट उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
चतुर्थ एवं अंतिम दिवस (29 अक्टूबर): बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता और भव्य समापन
कार्यक्रम के अंतिम दिन आत्मनिर्भर फाउंडेशन के संस्थापक श्री आर. पी. जोशी के निर्देशन में स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया:

24 विद्यार्थियों की भागीदारी: प्रतियोगिता में 24 विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से आत्मनिर्भर पहाड़ और कृषि से जुड़े विचारों को कैनवास पर उकेरा।

पुरस्कार वितरण: बिण ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (BDO) श्री राजेंद्र अवस्थी की देखरेख में प्रतियोगिता के विजेताओं को विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा गया:
प्रथम स्थान: कुमारी राशि (राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिण)
द्वितीय स्थान (संयुक्त): कुमारी डिंपल (राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिण) एवं अनीबा मरियम (द एक्सीलेंस फाउंडेशन पब्लिक स्कूल)
तृतीय स्थान (संयुक्त): ऋषिता गोस्वामी एवं कनिष्का कोहली (द एक्सीलेंस फाउंडेशन पब्लिक स्कूल)

आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के सफल संचालन और संयोजन में भारत अंतरिक्ष के कुमाऊँ नोडल सेंटर के श्री नवल चंद्र जोशी की प्रमुख भूमिका रही, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन अवसर पर संस्थापक श्री आर. पी. जोशी ने सभी आमंत्रित अतिथियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, किसान भाइयों और बाल प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने UCOST का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यूकोस्ट के सहयोग से ही सीमांत व दूरस्थ गांवों तक कृषि की नवीनतम तकनीकों एवं योजनाओं का लाभ पहुंचाना संभव हो सका है।

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