पिथौरागढ़ : भारत-चीन सीमा व्यापार का आगाज|
पिथौरागढ़/धारचूला:
पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक लिपूलेख दर्रे से शनिवार को भारत-चीन सीमा व्यापार का विधिवत शुभारंभ हो गया। भारत-तिब्बत व्यापार संघ के अध्यक्ष जीवन सिंह रौकली के नेतृत्व में 16 पंजीकृत व्यापारियों और 4 हेल्परों का पहला दल तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र स्थित तकलाकोट मंडी पहुँच चुका है।
धारचूला SDM आशीष जोशी के अनुसार, शुक्रवार को गुंजी इमीग्रेशन में प्रक्रिया पूरी करने और नाबीढांग में रात्रि विश्राम के बाद, शनिवार सुबह चीनी अधिकारियों द्वारा औपचारिकताएं पूरी कर दल को प्रवेश दिया गया।

मुख्य बातें:
पहले से मौजूद स्टॉक का व्यापार: चीनी प्रशासन के निर्देशानुसार प्रथम चरण में केवल पुराने पंजीकृत व्यापारियों को अनुमति मिली है, इसलिए दल भारत से कोई नया सामान लेकर नहीं गया है। व्यापारी वहाँ पहले से मौजूद सामग्री का ही व्यापार करेंगे।

अगले चरण की तैयारी: आगामी दलों की तिथियों के लिए चीनी प्रशासन के साथ ई-मेल के जरिए लगातार समन्वय किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था को मजबूती: इस पारंपरिक व्यापार के फिर से शुरू होने से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और स्थानीय व्यापारियों की आजीविका को बड़ा संबल मिलेगा।


