देहरादून

देहरादून: नर्सिंग बेरोजगारों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच । हंगामा

देहरादून: नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की तरह वर्षवार किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों ने सोमवार को दिलाराम चौक पर इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया. लेकिन पुलिस ने उन्हें न्यू कैंट रोड स्थित साला वाला के निकट बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इसी बीच आगे बढ़ने को लेकर पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की जमकर धक्का मुक्की हो गई.

 मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार , हंगामा बढ़ता देख जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजगारों को हिरासत में लेने की कोशिश की तभी एक महिला पुलिसकर्मी ने प्रदर्शन में शामिल नर्सिंग बेरोजगार छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया. इस दौरान दोनों के बीच खूब हाथापाई हुई. अन्य प्रदर्शनकारियों ने पुलिस मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर का कहना है कि वह बीते लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया को पहले की तरह सालभर संचालित किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, इसे बेरोजगारों में भारी आक्रोश है.

उन्होंने वर्तमान नर्सिंग भर्ती विज्ञप्ति व भर्ती पोर्टल को तुरंत निरस्त या बंद किए जाने, आईपीएचएस मानकों के तहत स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में ढाई हजार पदों पर नई विज्ञप्ति जारी करने और उत्तराखंड मूल के निवासी अभ्यर्थियों को भर्ती में प्राथमिकता दिए जाने और अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को अलग रखने की मांग की है. प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजगारों को पुलिस ने एकता विहार स्थित धरना स्थल भेज दिया है.

कांग्रेस ने व्यवस्था पर उठाए सवाल: नर्सिंग बेरोजगार छात्रा पर महिला पुलिसकर्मी के थप्पड़ मारने के मामले पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह अभ्यर्थी अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने महिला पुलिसकर्मी द्वारा हाथ उठाने की घटना को शर्मनाक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. नर्सिंग बेरोजगारों का कहना है कि वो कई लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है. जिससे उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांगों कार्रवाई करनी चाहिए.

 

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